रविवार, 29 जनवरी 2023

24 जनवरी अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस

बेटी आएगी, तो खुशियां लाएगी।


इस बार बेटा होने पर की जानी वाली सारी रस्में, बेटी होने पर भी निभाई जाएगी।


जी हां सही, सुना आपने बेटी होने पर भी वही रस्में निभाई जाएगी जिन पर जन्मसिद्ध अधिकार सदियों से बेटों का था;

 वह अधिकार हर बेटी भी पाएगी।


जब बेटी पढ़ाई जाएगी तो वह गर्वसहित हमारी शिक्षा,सभ्यता,संस्कृति और संस्कार को आगे ले जाएगी।


अब से बेटी अबला नहीं,सबला बन उभर पाएंगी।


बेटियां चूल्हों,आग और तेज़ाब से नहीं सताई जाएगी।


क्योंकि बेटी पढ़ाई जाएगी।

अब बेटी कम उम्र में नहीं ब्याही जाएगी,

अब बेटी केवल घर ही नहीं चलाएगी वह ट्रेन, मेट्रो,हवाई जहाज तो लड़ाकू जहाज भी चलाएगी


  वह सेना में दुश्मनों से भी लड़ने जाएगी।

अब बेटी न कोख में, न भूख से,न उत्पीड़न से मारी जाएगी।


अब बेटी स्कूल , दफ्तर ही नहीं।


 राष्ट्रपति बन दुनिया को अपनी धाक दिखाएगी।


अब बेटी धरती का वरदान बन घर-घर पूजी जाएगी।

 इस अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर हर बेटी का कहना यही है।

अभी समय हमारा है।भविष्य भी हमारा है,उस पर अधिकार भी  हमारा है।

संपूर्ण समर्पण

माना बदलाव जरूरी है।

 परिवर्तन स्वभाविक है।

पर हमारे लगाव का  क्या ?

  जो होगा आप से उस अलगाव का क्या ?

क्या खोया, कैसे गिनवा पाएंगे ?

हीरे से अनमोल रत्नों के, प्रेम से वंचित रह जाएंगे।

अब कौन हेलमेट न पहनने पर, हमें सबक सिखाएगा ?

स्कूल के मुख्य द्वार पर खड़े रहकर, कौन फूलों सा मुस्काएगा।


भारत का मान बढ़ना है; बच्चों को भी भारतीय होने पर गर्व करना सिखलाना है।


अब कौन बच्चों से पहले,अध्यापकों को  भी आभार व्यक्त करना 

सिखलाएगा ?


एक- दो अध्यापकों की सेहत जरा सी ख़राब हो जाने पर स्कूल में  कौन योग कक्षाएं लगवाएगा।


अब कौन हमारी तीन अच्छी बातें पढ़कर स्माइली कॉपी पर बनाएगा।


अब कौन इन कच्ची मिट्टी के मटकों को, हल्के हाथों की थाप देकर सुदृढ़,सक्षम और कमाऊ बनाएगा।


जितना आदरणीय अपराजिता मेम और   आदरणीय संदीप सर ने हमें सिखलाया है।

अब कौन हमें सिखलाएगा।

जब स्कूल में आपके ऑफिस से बाहर से आते - जाते याद आओगे आप..............


तो कौन हमें अब दिलासा देकर  समझाएगा

समझदारी से मिला धोखा

   जिसको मैंने जीवनपथ का गुरु     मान,  आधार बनाया। जिसकी शिक्षा और मार्गदर्शन ने था; नया रास्ता दिखलाया। जिसकी  लग्न व ईमानदारी को था; मैंन...