गुरुवार, 1 अप्रैल 2021

मेरा तुझसे है कोई राब्ता

            मेरा तुझसे है कोई राब्ता

जब भी हमें याद करो,

हम चले आते हैं ।।

तुम्हें हर पल देखना तो चाहते हैं,

 पर जब नजर आओ तो दूसरे रास्ते से चले जाते हैं।।

 इंतजार कभी तुम्हारा रास्ते पर, तो कभी ख्वाबों में ........

न जाने बिन बोले भी; यह राब्ता बड़ा प्यारा है......

मेरी उम्मीदों को जिंदा रखने का एकमात्र यही सहारा है।

हम तुम्हें बताना नहीं चाहते; कोई एहसान जतलाना नहीं चाहते....

 मगर इस रिश्ते को हम भुलाना भी नहीं चाहते।।

 तुम्हारे इतना पास आकर भी दूर चले जाना, फिर तुम्हारे इंतजार में रात जाकर बिताना ।।

बस इतनी सी दुआ है खुदा से, हमारी

 कि खुश रहो, मस्त रहो, जबरदस्त रहो।।

सधन्यवाद

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