पाठकों को समर्पित
इस रात्रि को प्रकाश चाहिए।
जीवन को जीने की आस चाहिए ।
अधिक ना भी मिले तो इतना तो सही की दीपक का प्रकाश चाहिए।
ज्ञान के सागर में से कुछ ज्यादा नहीं तो थोड़ा सा जीने का अंदाज चाहिए।
आपकी चरण कमलों की रज से जीवन में सफलता का विश्वास चाहिए।

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