महोम्मद शरीफ (अयोध्या) पद्मश्री पुरस्कार 2019 को समर्पित
संघर्ष ही जीवन है,
पर उसकी उम्र कब तक!!!
अंतिम सांस तक या आपकी प्रतिज्ञा तक •••••
जो 27 वर्ष पूर्व मन को व्यथित कर गई थी••••
आँसू ,थकान,गरीबी ,उम्र
यहाँ तक, रक्त का हर एक कण,
हार मानकर कहता है•••
कि बस कर, बस कर•••• कब तक कब्रिस्तान और श्मशान के चक्कर लगाओगे।
कब तक लावारिस लाशों को स्वर्ग तक पहुँचाओगे ।
ऐसा करके तो तुम खुदा के फरिश्ते बन जाओगे।
लो ! आज देश के जौहरी ने इस नायाब हीरे को पहचान ही लिया।
आज झुक गया
आसमान⛅
धरती नतमस्तक हैं
चरणों में।🌍
आज आपका हक,आप तक चल कर स्वयं आ ही गया।।

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