शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

ऑनलाइन पढ़ाई और स्कूल फीस

                                                 ऑनलाइन पढ़ाई और स्कूल फीस


 एक माँ  💁🏼‍♀️स्कूल प्रांगण में बौखलाई हुई आई।

वह ऑनलाइन फीस के खिलाफ लड़ रही थी लड़ाई।

उसने स्कूल फीस ना भरने की थी कसम खाई।

आते ही स्कूल में टीचर से करने लगी भरपाई ।

बोली करते क्या हो ? किस बात की फीस दें तुम्हें,    तुमने क्या खाक पढ़ाई करवाई।

सुन, उसके बाद टीचर मुस्कुराई , 👩🏼

विनम्रता से बोली, पहले करते थे ड्यूटी छोटी अब तो 24 घंटे करते और करवाते हैं पढ़ाई।

हमने भी जूम कक्षा👩🏼‍💻 लेकर आपके बच्चों को पढ़ाने की  हैं कसम खाई।

कभी गणित के फार्मूले में डूबे🧐 बच्चों को हरि सर ने राह दिखलाई।

तो कभी मेडिटेशन🙇🏼‍♀️ करवाते हुए हिंदी और अंग्रेजी में कहानियाँ सुनवाई।

कभी कविता मेम  ने बिना हाथ लगाए बिस्कुट खिलवाया, 🤪तो कभी  मुँह में नींबू रखवाया।🤔

छोड़ अपना काम-धाम हमने भी ऑनलाइन पेपर🧑🏻‍💻 बनाया।

अरे! आप क्या जानो, स्कूल वालों ने ऑनलाइन कक्षा से पहले हमें कितना पढ़ाया ।

कभी व्हाट्सएप, कभी जूम, कभी गूगल फॉर्म भरना हमें सिखलाया ।

साहिल सर ने एक्सपेरिमेंट का बिगुल बजाया, कभी विनेगर कभी एसिडिटी 💧🌊 नपवाकर बच्चों को समझाया।

मैप की आड़ी तिरछी लाइनों में दुबे सर ने बच्चों को क्या खूब घुमाया, कभी लक्ष्यदीप,🌍 कभी मैदान, कभी हिमालय पर्वत से मिलवाया।

प्रियांश सर ने बच्चों को घर के बिस्तर  से उठाकर🏃🏼‍♀️🏃🏻‍♂️ खूब दौड़वाया।

अभी कहाँ रुके हम, साहिल सर ने भी बच्चों  से  खूब💃🏾,🕺🏽 डांस करवाया।  

 हिंदी वाली ने  लुका-छिपी खिलवाई ।   🧏🏻🧎🏻‍♀️ 

 कभी चार्ट बनवाए तो कभी कैंसर से जंग भी लड़वाई ।   👮🏻‍♂️👮🏻‍♀️                                                  

जब हमने टैलेंट हंट चलाया तो बच्चों ने भी हमें खूब मनोरंजन🥰 करवाया।

तभी मुझे अपराजिता मेम का ख्याल आया,

वे कहती हैं, सो जाओ जल्दी,

 क्या तुमने कभी इस लॉकडाउन में अपना समय अपने परिवार संग भी बिताया?

अपने बच्चों को जूम कक्षा में देख हमारा दिल फूला न समाया😊☺️

 फिर भी आप पूछते हो हमने ऑनलाइन कक्षा में क्या पढ़ाया?🤔

धन्यवाद 

रजनी कपूर

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यदि आपको कविताएँ अच्छी लगी तो कृप्या इनको लाइक करें । कविता पढ़ने के लिए आपका आभार

समझदारी से मिला धोखा

   जिसको मैंने जीवनपथ का गुरु     मान,  आधार बनाया। जिसकी शिक्षा और मार्गदर्शन ने था; नया रास्ता दिखलाया। जिसकी  लग्न व ईमानदारी को था; मैंन...