रविवार, 21 फ़रवरी 2021

परमात्मा से अरदास


परमात्मा से अरदास  

यह तन भी तेरा,यह मन भी तेरा 

यह सृष्टि,प्रकृति,नदियाँ,सूरज 

चाँद,तारे,तमस सभी कुछ तेरा।।

जीवन भी तेरा,मरण भी तेरा 

तेरे होते हे परमात्मा !

 क्यों हैं ??

इस विश्व में हैं सघन अन्धेरा,

विश्वास,करुणा,ममता,दया 

परोपकार,उदारता,विशालता

सभी तेरे लक्षण, 

ये सभी मनुष्य के मार्गदर्शक। 

 ये वर्षा,ये उमस,ये सर्दी,कंपकपाहट, गर्मी 

की गर्माहट, ये उमंग,ये उल्लास भी तेरा

     तो भगवन ! फिर भी क्यों 

      छाया है इस धरती पर

घोर अन्धेरा,

 मुक्त कर लोगों को इस रजनी से 

ज्योति जगा दे आस की 

क्योंकि मनुष्य की आत्मा में निवास भी तेरा 

छुड़ा दे इस आत्मा को भयंकर कहर से

क्योंकि सुख भी तेरा, दुख भी  !!


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