रविवार, 7 मार्च 2021

परीक्षा पर चर्चा

 

परीक्षा पर चर्चा 




एक माँ स्कूल प्रांगण में आई।

वह ऑनलाइन पढाई के विरुद्ध लड़ रही थी लड़ाई।

आते ही स्कूल में टीचर से करने लगी भरपाई ।

बोली करते क्या हो ?  ऑनलाइन कक्षा में क्या करवाओगे पढाई........  

सुन उसकी बात, टीचर मुस्कुराई ,

विनम्रता से बोली, पहले करते थे ड्यूटी छोटी अब तो 24 घंटे करते और करवाते हैं पढ़ाई।

हमने भी जूम कक्षा लेकर आपके बच्चों को पढ़ाने की हैं कसम खाई।

कभी गणित के फार्मूले में डूबे  बच्चों को गणित सर ने ज़ूम कक्षा लगाकर उबारा ।

तो कभी मेडिटेशन करवाते हुए हिंदी और अंग्रेजी में कहानियाँ ने सपनों को दिया सहारा।

कभी कविता गाकर बिना हाथ लगाए बिस्कुट खिलवाया, तो कभी  मुँह में नींबू रखवाया।

छोड़ अपना काम-धाम हमने भी ऑनलाइन पेपर बनाया।

अरे! आप क्या जानो, स्कूल वालों ने ऑनलाइन कक्षा से पहले हमें कितना पढ़ाया ।

कभी व्हाट्सएप, कभी जूम, कभी गूगल फॉर्म भरना हमें सिखलाया ।

साइंस की कक्षा में तो ऑनलाइन पढाई में एक्सपेरिमेंट का बिगुल बजाया, कभी विनेगर कभी एसिडिटी नपवाकर बच्चों को समझाया।

मैप की आड़ी तिरछी लाइनों में डूबे बच्चों को ऑनलाइन कक्षा में क्या खूब सिखाया , कभी लक्षदीप, कभी मैदान, कभी हिमालय पर्वत से मिलवाया।

ऑनलाइन कक्षा ने बच्चों को घर के बिस्तर से उठाकर फिर से पढ़ने बिठवाया।

अभी कहाँ रुके हम, ऑनलाइन कक्षा में बच्चों को भी खूब डांस सिखलाया। 

 ऑनलाइन कक्षा में लुका-छिपी खिलवाई ।

कभी चार्ट बनवाए तो कभी कोरोना से जंग लड़वाई ।                                                   

टैलेंट हंट में बच्चों और अध्यापकों ने भी हुनर दिखलाया।

तभी मुझे “आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय श्री नरेंद्र मोदी जी” का ख्याल आया,

वे कहते हैं, सब का साथ सब का विकास 

पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया 

 इस लॉकडाउन ने हमें अपनी कला को निखारने का अवसर दिखलाया 

तभी तो इस वैश्विक महामारी में भी बच्चों का साल बच पाया  

अपने बच्चों को ऑनलाइन कक्षा में देख हमारा दिल फूला न समाया

सधन्यवाद 

रजनी कपूर

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