रविवार, 9 मई 2021

मातृ दिवस पर माँ को समर्पित

 माँ  के आँचल में अमृत की धारा

 बिन माँ  की सुना जग सारा 

अकेली माँ  बच्चे की रक्षा के लिए पड़ जाती है.. जग पर भारी !!

 फिर बुढ़ापे में क्यों अकेली पड़ जाती है, माँ  बन बेचारी !! 

हर लड़की भी माँ  को खुद माँ  बनकर समझ पाती है।

 कैसे  उसने कष्ट सहे पालने के लिए तुझे....

 जब पालने पड़ते हैं अपने बच्चे...

 तक समझ में आती!!

 सौ प्रॉब्लम वन सलूशन 

वो है माँ 😊

 निस्वार्थ इस दुनिया में कोई नहीं माँ  जैसा!! 

 झुकना पड़ता है हर रिश्ते को निभाने के लिए !!

इक माँ  ही है, जो बच्चों को आगे बढ़ाती है।

बाकी दुनिया तो सिर्फ एहसान जताती है।

 हर माँ  को सलाम है।🧎‍♀️🧎‍♂️🧎‍♀️🧎‍♂️

 माँ  से ही तो चलते, भगवान के कितने नाम हैं।

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