फूलों सा मन मुस्काया !!
दया,करुणा,सहनशीलता इन पर हक केवल नारी का है ।
मुझे तो बचपन से यही सिखलाया।
पर आपसे मिलकर पुरुषों में भी यह स्वरूप होता है समझ में आया ।
मोतियों सी लिखाई और गजब का दिमाग है,आपने पाया ।
चालाकों की दुनिया में भी जिन्दा है शराफत ;
यह भी आपमें नजर आया।
सदा रहे आशीर्वाद आपका
मन को भी आपका साथ बहुत भाया
माना कि आज थोड़ा सा संकट आया !!
छट जाएंगे चिंता के बादल क्योंकि हर रात के बाद सूरज आया !!
धन्यवाद
Rajni Kapoor
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