गुरुवार, 15 अप्रैल 2021

हथौड़ा और चाबी कहानी (नए अंदाज में)

 हथौड़ा और चाबी

शहर में बड़ी- बड़ी दुकानों के सामने एक छोटी सी जगह पर जमीन पर बैठा एक व्यक्ति चाबियाँ बेचा करता था। वह नित्य 5 से 10 चाबियाँ बनाकर बेचता था परंतु कभी-कभी उसके पास इस तरह के लोग भी आते जो उसको ताले को तोड़ने का आग्रह करते क्योंकि उनकी चाबी उनके ताले पर सही से नहीं लग पाती और वह पुरानी चाबी ताला नहीं खोल पाती।

तब दुकान में रखी एक चाबी नहीं सोचा कि ऐसा क्यों है कि इस व्यक्ति के घर का ताला तोड़ने की नौबत आ गई ?? क्या इसके घर में रखी हुई चाबी काम नहीं करती ??

वह व्यक्ति अपनी पुरानी चाबी जल्दी-जल्दी में वही छोड़ कर चला गया था। चाबी वाले नहीं हथौड़ा उठाया और उसके साथ उसके घर का ताला तोड़ने चला गया। तब उस चाबी ने दूसरी चाबी से कहा कि जब कोई व्यक्ति आपकी संभाल अच्छे से नहीं करता। उसको इधर-उधर फेंक देता है तो वह चीज टेढ़ी हो जाती है।

तब ऐसी व्यक्ति को सबक सिखाने के लिए, उसे अपनी गलती का एहसास करवाने के लिए यह सब करना भी आवश्यक है।

शिक्षा- हमें इस कहानी यह शिक्षा मिलती है कि जब आपके नम्र व्यवहार

का दूसरा व्यक्ति फायदा उठाना शुरू कर दे तो उसको सबक सिखाना आवश्यक हो जाता है।

शब्द और पद ( लघु कथा)

 शब्द और पद ( लघु कथा)

 वर्ण और  शब्द दोनों ही एक-दूसरे के  गहरे मित्र थे। उनका घर भी पास-पास था । दोनों में गहरी दोस्ती  का कारण यह भी था कि उन दोनों में कोई भी बुरी आदत नहीं थी ।

 दोनों  को ही स्वतंत्र रहना बहुत भाता था। यहाँ तक , दोनों के मित्र भी एक दूसरे को जानते थे। समाज में दोनों के अच्छे स्वभाव एवम्  मित्रता की बहुत  चर्चा होती थी। उन दोनों की मित्रता से उनका एक पड़ोसी जिसका नाम पद था बहुत चिढ़ता था। एक तो नाम पद (करेले) जैसा ऊपर से नीम  चढ़ा अर्थात (स्वभाव भी बुरा होना)  । वह दोनों की दोस्ती समाप्त करवाना चाहता था इसके लिए दिन-रात उपाय करता रहता था । एक दिन उसे किसी ने बताया कि  शहर में एक पंडित जी  जिनका नाम व्याकरण हैं । उनके पास सभी समस्याओं का हल हैं।

अगले ही दिन पद व्याकरण के पास गया और  उसने कहा कि पंडित जी आप कुछ ऐसे नियम खोजे;जिसे वर्ण और शब्द दोनों ही मेरे अधीन हो जाए। व्याकरण ने कहा यह तो बायँ  हाथ का काम है वर्णों को जोड़ दो तो शब्द बन जाएगा जब शब्द को  व्याकरण के नियमों में बाँधकर वाक्य में प्रयोग कर दो तो वह पद बन जाएगा।देखा चुटकी बजाते  ही मैंने  उनको क्यों तुम्हारे अधीन कर दिया।

धन्यवाद

रजनी कपूर

सोमवार, 5 अप्रैल 2021

जीवन एक संघर्ष है !!

 जीवन एक संघर्ष है !!

एक संग्राम है; 

कर्तव्य है; आरंभ से लेकर अंत तक !!

अनंत रिश्तो के धागों से बनी है जिन्दगी !! 

हम जीवन जीने के लिए है; सिर्फ बिताने के लिए नहीं !! 

जीवन जीतने के लिए है; हार जाने के लिए नहीं !! रिश्ते निभाने के लिए है, बोझ उठाने के लिए नहीं !! 

जीवन एक कर्म क्षेत्र है; जिसमें सभी के कर्मों का योगदान है !! 

लफ्जों में बयां न होगी जिंदगी ; अलबत्ता एक किताब है जिंदगी !!

गुरुवार, 1 अप्रैल 2021

तन्हाई

                तन्हाई


तन्हाईयों ने जीना सिखलाया,

रातों  ने गम पीना सिखलाया ।।

 कभी गम अपनों ने दिए,तो कभी उम्मीदों ने....

 सब जानकर खून के आँसू हमने पियें ।

 तन्हाइयों ने हमें जीना सिखलाया,

 रातों ने गम पीना सिखलाया ।।

 समझ नहीं आता; क्या चाहती है दुनिया ?

 भूलना चाहो तो, उसी को याद दिलवाती है दुनिया ।।

 अपने उसूलों पर जियो तो वह बहकाती है दुनिया ।।

 ताकतवर बनो तो चिडाती है दुनिया ।।

 गम बतलाओ तो मजाक उड़ाती है 

दुनिया ।।

 सिर्फ अपने मतलब के लिए दिल लगाती है दुनिया।।

तुम किसी की कितना चाहो; कोई फर्क नहीं पड़ता; मतलब आने पर अंगूठा दिखलाती है दुनिया ।।


मेरा तुझसे है कोई राब्ता

            मेरा तुझसे है कोई राब्ता

जब भी हमें याद करो,

हम चले आते हैं ।।

तुम्हें हर पल देखना तो चाहते हैं,

 पर जब नजर आओ तो दूसरे रास्ते से चले जाते हैं।।

 इंतजार कभी तुम्हारा रास्ते पर, तो कभी ख्वाबों में ........

न जाने बिन बोले भी; यह राब्ता बड़ा प्यारा है......

मेरी उम्मीदों को जिंदा रखने का एकमात्र यही सहारा है।

हम तुम्हें बताना नहीं चाहते; कोई एहसान जतलाना नहीं चाहते....

 मगर इस रिश्ते को हम भुलाना भी नहीं चाहते।।

 तुम्हारे इतना पास आकर भी दूर चले जाना, फिर तुम्हारे इंतजार में रात जाकर बिताना ।।

बस इतनी सी दुआ है खुदा से, हमारी

 कि खुश रहो, मस्त रहो, जबरदस्त रहो।।

सधन्यवाद

रविवार, 7 मार्च 2021

कोरोना से जंग जारी हैं !!! (अप्रैल)

  कोरोना से जंग जारी हैं                

जो भी परिस्थितियाँ हो,इस जंग को लड़ना होगा,

संघर्ष से जूझना व खुद को मजबूत साबित करना होगा।

संयम,सब्र,साहस तो हर हाल में रखना होगा,

हर जंग जीती हैं हमने, चाहे तो राम बनो या कर्ण 

परिस्थितियों  का सामना तो करना होगा।

अपनों से दूर रहना हो तो रहो,

घरों में खुद को बंद तो करना होगा,

बिताने पड़े कुछ दिन अकेले में,

 तो भी खुद का ख्याल तो रखना होगा। 

ना खुद संक्रमित हो, ना ही लोगों को संक्रमित करो 

क्योंकि हम इन्सान हैं; तो इंसानियत का पालन भी करना होगा।

कोरोना को भगाना होगा, विश्व को जीताना होगा।

रजनी कपूर

परीक्षा पर चर्चा

 

परीक्षा पर चर्चा 




एक माँ स्कूल प्रांगण में आई।

वह ऑनलाइन पढाई के विरुद्ध लड़ रही थी लड़ाई।

आते ही स्कूल में टीचर से करने लगी भरपाई ।

बोली करते क्या हो ?  ऑनलाइन कक्षा में क्या करवाओगे पढाई........  

सुन उसकी बात, टीचर मुस्कुराई ,

विनम्रता से बोली, पहले करते थे ड्यूटी छोटी अब तो 24 घंटे करते और करवाते हैं पढ़ाई।

हमने भी जूम कक्षा लेकर आपके बच्चों को पढ़ाने की हैं कसम खाई।

कभी गणित के फार्मूले में डूबे  बच्चों को गणित सर ने ज़ूम कक्षा लगाकर उबारा ।

तो कभी मेडिटेशन करवाते हुए हिंदी और अंग्रेजी में कहानियाँ ने सपनों को दिया सहारा।

कभी कविता गाकर बिना हाथ लगाए बिस्कुट खिलवाया, तो कभी  मुँह में नींबू रखवाया।

छोड़ अपना काम-धाम हमने भी ऑनलाइन पेपर बनाया।

अरे! आप क्या जानो, स्कूल वालों ने ऑनलाइन कक्षा से पहले हमें कितना पढ़ाया ।

कभी व्हाट्सएप, कभी जूम, कभी गूगल फॉर्म भरना हमें सिखलाया ।

साइंस की कक्षा में तो ऑनलाइन पढाई में एक्सपेरिमेंट का बिगुल बजाया, कभी विनेगर कभी एसिडिटी नपवाकर बच्चों को समझाया।

मैप की आड़ी तिरछी लाइनों में डूबे बच्चों को ऑनलाइन कक्षा में क्या खूब सिखाया , कभी लक्षदीप, कभी मैदान, कभी हिमालय पर्वत से मिलवाया।

ऑनलाइन कक्षा ने बच्चों को घर के बिस्तर से उठाकर फिर से पढ़ने बिठवाया।

अभी कहाँ रुके हम, ऑनलाइन कक्षा में बच्चों को भी खूब डांस सिखलाया। 

 ऑनलाइन कक्षा में लुका-छिपी खिलवाई ।

कभी चार्ट बनवाए तो कभी कोरोना से जंग लड़वाई ।                                                   

टैलेंट हंट में बच्चों और अध्यापकों ने भी हुनर दिखलाया।

तभी मुझे “आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय श्री नरेंद्र मोदी जी” का ख्याल आया,

वे कहते हैं, सब का साथ सब का विकास 

पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया 

 इस लॉकडाउन ने हमें अपनी कला को निखारने का अवसर दिखलाया 

तभी तो इस वैश्विक महामारी में भी बच्चों का साल बच पाया  

अपने बच्चों को ऑनलाइन कक्षा में देख हमारा दिल फूला न समाया

सधन्यवाद 

रजनी कपूर

समझदारी से मिला धोखा

   जिसको मैंने जीवनपथ का गुरु     मान,  आधार बनाया। जिसकी शिक्षा और मार्गदर्शन ने था; नया रास्ता दिखलाया। जिसकी  लग्न व ईमानदारी को था; मैंन...